Wednesday, 28 December 2016

उदासी

कैद कर दिया गया मुझे उदासियों के हवालात में, वक्त के पिटारे से मैने कुछ हंसी चुराई थी

खामोशी

मेरी बातें चुभे तो समझ आता है,
मेरी खामोशी तुम्हें क्यों तकलीफ देती है

हासिल-ए-कवायद

हासिल-ए-कवायद

Decision

I never take my own decisions, my knowledge, wisdom and will power do it for me.
#sarfarosh

एक गौरैया

एक गौरैया अब आँगन से
कम ही निकला करती है।
एक गौरैया अब कौओं की
करतूतों से डरती है।।

एक गौरैया अब मेरे
गलियारे से कतराती है।
एक गौरैया अब कौओं की
नजरो सें भय खाती है।।

एक गौरैया अब खुद को
पिंजरे में सलामत पाती है।
एक गौरैया अब अपने
घर जाने से घबराती है।।

Friday, 27 May 2016

तुझको ही लिखता रहूँ......

तुझको ही लिखता रहूँ हर घड़ी,
मुझे तेरे सिवा कोई सुध न रहे,

तू ही तू जो रहे सारी कायनात में,
तो दुनिया में चाहे फिर  कुछ न रहे